Kitchen Vastu

आपके रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ होना चाहिए कुछ सरल एवं जबरदस्त वास्तु टिप्स ।। Kitchen Vastu Tips.

हैल्लो फ्रेंड्सzzzzz.


आपके रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ होना चाहिए कुछ सरल एवं जबरदस्त वास्तु टिप्स ।। Astro Classes, Silvassa.

=============================================

मित्रों, आपके रसोईघर के डिजाइन और वहां उपयोग में आने वाले सामान को वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार रखने चाहियें । जिससे गृहिणी का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे और घर में सकारात्मक उर्जा के प्रवाह निरन्तर होता रहे । इस बात कि सम्पूर्ण जानकारी हेतु वास्तु शास्त्र के इस लेख को जो कि रसोई घर विशेषांक है, आपके लिए इसे पढ़ना बहुत आवश्यक है । तो आइये आज आपलोगों को इस विषय की सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास प्रयास करता हूँ ।।

रसोईघर कहाँ होना चाहिए – मित्रों, रसोई घर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान आपके घर का आग्नेय कोण यानि दक्षिण पूर्व की दिशा है । अग्निकोण अर्थात् अग्नि का स्थान ये सर्वोत्तम माना गया है । कुछ अन्यान्य मतानुसार दक्षिण पूर्व के अलावा दूसरा उपयुक्त स्थान उत्तर पश्चिम दिशा अर्थात् वायब्य कोण माना गया है, लेकिन फिर भी सर्वोत्तम अग्निकोण ही होता है अथवा माना गया है ।।

रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ रखें - कुकिंग स्टोव, गैस का चूल्हा या कुकिंग रेंज रसोई घर के दक्षिण पूर्वी कोने में ही होना चाहिए । आपका चूल्हा या स्टोव आपके रसोईघर में इस प्रकार रखा जाना चाहिए जिससे की खाना बनाने वाले व्यक्ति (गृहिणी) का मुंह खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर रहे ।।

पानी के रख-रखाव, आर ओ पानी फिल्टर तथा इसी तरह के अन्य सामानों के लिए जहा पानी संग्रहीत किया जाता है उपयुक्त जगह उत्तर पूर्व की दिशा अर्थात ईशान कोण माना गया है । पानी से सम्बंधित सभी बातें फिर चाहे वो वास बेसिन ही क्यों न हो इन सबके लिए उत्तर पूर्व यानि ईशान कोण ही सर्वश्रेष्ठ स्थान होता है ।।

आपके घर में उपयोग होने वाले बिजली के सारे सामान अथवा बिजली से संचालित सभी प्रकार के उपकरण दक्षिण पूर्व अग्निकोण में या दक्षिण दिशा में रखा जा सकता है । फ्रिज को आप पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण पूर्व (अग्निकोण) या दक्षिण पश्चिम (नैऋत्य कोण) की दिशा में रख सकते हैं ।।

खाना पकाने में इस्तेमाल किये जाने वाली वस्तुएँ, अनाज, मसाले, दाल, तेल, आटा और अन्य खाद्य सामग्रियों, बर्तन, क्रॉकरी इत्यादि के सुरक्षित रखने के लिए पश्चिम या दक्षिण दिशा में व्यवस्था बनाना चाहिए । वास्तु शास्त्र के सिद्धान्तों के अनुसार रसोई घर की कहीं से भी कोई भी दिवाल शौचालय या बाथरूम के साथ लगी नहीं होनी चाहिए । आपका रसोईघर आपके घर के शौचालय और बाथरूम के नीचे या ऊपर भी कदापि नहीं होना चाहिए ।।

मित्रों, आपके रसोईघर का दरवाजा सदैव ही उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में खुलना चाहिए । खिड़किया और हवा बाहर फेखने वाला पंखा पूर्व में होना चाहिए तथा व्यवस्था के अनुसार इसे उत्तरी दीवार में भी लगाया जा सकता है । रसोई घर में पूजा का स्थान नहीं होना चाहिए ।।

अगर आपके पुरे घर में कहीं कोई व्यवस्था मन्दिर लगाने के लिए नहीं बन रहा हो तो रसोईघर के पश्चिमी दीवार में पूर्वाभिमुख लगा सकते हैं । लेकिन ऐसा केवल मज़बूरी में ही किया जाना उचित होगा ।।

आपके भोजन की मेज (डाईनिंग टेबल) को रसोई घर में नहीं रखना चाहिए लेकिन अगर रखनी पड़े तो यह उत्तर या पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए । क्योंकि भोजन करते समय भोजन करनेवाले का मुँह पूर्व या उत्तर की ओर ही होना चाहिए ।।

==================================================

वास्तु विजिटिंग के लिए एवं अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने के लिए हमें संपर्क करें ।।

==============================================

अपनी कुण्डली बनवाने के लिए एवं किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

==============================================

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।

==============================================

संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केंद्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।

WhatsAap+ Viber+Tango & Call: +91 - 8690522111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com

Website :: www.astroclasses.com
www.astroclassess.blogspot.in
www.facebook.com/astroclassess

।। नारायण नारायण ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने तथा वास्तु विजिटिंग के लिये अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें । पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं । ज्योतिष पढ़ने के लिये संपर्क करें - बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।

0 comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.

BALAJI VED VIDYALAYA, SILVASSA.. Powered by Blogger.