My Articles

आपके पर्स में पैसा नहीं टिकता तो करें ये कुछ सहज उपाय ।। Way to Keep Money stable in your pocket

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,


मित्रों, आज आर्थिकता के ज़माने में धन बढ़ाना कौन नहीं चाहता ? सभी चाहते हैं, कि उनके पास धन की कोई कमी न हो । और सिर्फ चाहते ही नहीं बल्कि लोग उसके अनुसार हर प्रकार के प्रयत्न करने को भी तैयार रहते नजर आते हैं । चलिये आपलोग प्रयत्न तो अपने तरीके से पूर्ण रूप से करें परन्तु आज मैं भी आपलोगों को कुछ टिप्स बताता हूँ ।।

टिप्स ऐसा नहीं है जो आपको उलझाये, बल्कि जो आपकी सहायता करें आपके मनोबल को बढायें । ये ठीक उसी तरह की बात है, जैसे "सोने पे सुहागा" आप अपना कर्म पूरी निष्ठा और दृढ़ता से करें । परन्तु साथ ही "दैवीय कृपा" तथा "बुजुर्गों एवं ब्राह्मणों" के आशीर्वाद से हर प्रकार से अपने वृद्धि के उपाय के विषय में प्रयत्न करना ही बुद्धिमानी होती है ।।

मित्रों, यदि आप भी चाहते है की आपका कारोबार, आपका धन तथा आपकी खुशियाँ दिनोदिन बढ़े तो आप आजमा कर देखें । रात को सोने से पहले अपने नोटों की गिनती करें एवं इस प्रकार प्रार्थना करें - हे धन ! तुम सिर्फ मेरे पास आओ । धन तुम किसी भी रास्ते से आओ ! जो रास्ता तुम्हें सही लगे तुम उस रास्ते से आओ हे धन तुम तीन गुणा बढ़ कर आओ बिना किसी को नुकसान पहुँचाये मेरे पास आओ हम तुम्हे स्वीकार करने को तैयार है ।।

हमारी वैदिक सनातन मान्यता के अनुसार प्रत्येक पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष पर माँ लक्ष्मी की परिक्रमा की जाती है । इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, उसे पूर्णिमा को पीपल वृक्ष के जड़ में पूजन करें, जल चढ़ायें और माँ लक्ष्मी की उपासना करें फिर कम-से-कम इस मंत्र (ऊँ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं फट्) की एक माला करें ।।

आपके पर्स में पैसा टिके इसके लिये इस उपाय को करें  किसी भी शुभ मुहूर्त अथवा अक्षय तृतीया या फिर पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य शुभ मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें । सभी आवश्यक कार्यों से निवृत्त होकर एक लाल रेशमी कपड़ा लें । अब उस लाल कपड़े में चावल के 21 दानें रखें । ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दाना न रखें ।।

 उन दानों को कपड़े में बांध लें इसके बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें । पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें और पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छुपाकर रख लें । ऐसा करने पर कुछ ही समय में धन संबंधी सभी परेशानियां दूर होने लगेंगी । ध्यान रखें कि पर्स में किसी भी प्रकार की अधार्मिक वस्तु नहीं होना चाहियें ।।

 इसके अलावा पर्स में किसी भी प्रकार की कोई चाबियां नहीं रखनी चाहिए । सिक्के और नोट अलग-अलग व्यस्थित ढंग से रखे होने चाहिए । किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु पर्स में न रखें । इन बातों के साथ ही व्यक्ति को स्वयं के स्तर से भी धन प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास करने चाहिए ।।

==============================================

मित्रों, इस विडियो में जन्मकुण्डली के ग्यारहवें भाव में वर्णित आमदनी के योग के विषय में जो ९ श्लोकों में वर्णित है । तो आइये जानें व्यक्ति के जीवन में धन की आमदनी के विषय में विस्तृत रूप से इस विडियो टुटोरियल में - Eleventh Home Prediction.

==============================================

वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

==============================================

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।

==============================================

संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केंद्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।

WhatsAap+ Viber+Tango & Call: +91 - 8690522111.
E-Mail :: astroclassess@gmail.com

Website :: www.astroclasses.com
www.astroclassess.blogspot.com
www.facebook.com/astroclassess

।। नारायण नारायण ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने तथा वास्तु विजिटिंग के लिये अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें । पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं । ज्योतिष पढ़ने के लिये संपर्क करें - बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा।।

0 comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.

BALAJI VED VIDYALAYA, SILVASSA.. Powered by Blogger.