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विभिन्न राशियों पर शनि की साढेसाती का शुभाशुभ फल (प्रभाव)।।



विभिन्न राशियों पर शनि की साढेसाती का शुभाशुभ फल (प्रभाव)।। Side effects for Shanideva Sadhesati.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, शनि देव की साढ़ेसाती जिस व्यक्ति के ऊपर आती है वही जानता है । वैसे साढ़ेसाती का प्रभाव सदैव बुरा नहीं होता । कोई बात नहीं मित्रों, इस विषय पर कभी और विस्तृत चर्चा करेंगे ।आज हम साढेसाती का प्रथम चरण के विषय में चर्चा करते हैं । वृ्षभ, सिंह, धनु राशियों के लिये साढ़ेसाती का प्रथम कष्टकारी होता है ।।

मित्रों, द्वितीय चरण मेष, कर्क, सिंह, वृ्श्चिक, मकर राशियों के लिये अनुकुल नहीं होता है । तथा साढ़ेसाती का अन्तिम चरण मिथुन, कर्क, तुला, वृ्श्चिक और मीन राशि के लिये कष्टकारी माना जाता है । इसके अतिरिक्त तीनों चरणों के लिये शनि की साढेसाती जातक के जीवन में किस प्रकार से प्रभाव डालती है इस विषय को देखते हैं ।।

प्रथम चरणावधि में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अत्यन्त प्रभावित होती है । जातक के आय की तुलना में व्यय अत्यधिक होते है । सोंचे गये कार्य बिना बाधाओं के पूरे नहीं होते है । आर्थिक समस्याओं के कारण अनेक योजनाएं तो आरम्भ ही नहीं हो पाती है ।।

मित्रों, इस समय में जातक को अचानक से बड़ी मात्रा में धन हानि हो जाती है । जातक को टेंशन के वजह से गम्भीर रोग हो सकता है । स्वास्थय में कमी के योग तो बनते ही हैं । विदेश भ्रमण के कार्यक्रम बनकर -बिगड जाते हैं । यह अवधि व्यक्ति की दादी के लिये भी विशेष कष्टकारी सिद्ध होती है ।।

मानसिक चिन्ताओं में वृ्द्धि होना तो सामान्य बात हो जाती है । ऐसी स्थिति में मित्रों, स्वाभाविक है, कि दांम्पय जीवन में बहुत सी कठिनाईयाँ आती है । मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिल पाते है । और परेशानियों से भरे जीवन से व्यक्ति उब सा जाता है ।।

मित्रों, जातक को शनि की साढ़ेसाती के दुसरे चरण अवधि में पारिवारिक तथा व्यवसायिक जीवन में अनेक उतार-चढाव आते है । उसे अपने संबन्धियों से भी कष्ट ही होते है । इस काल में जातक को लम्बी यात्राओं पर जाना पड़ सकता है । इस समय में जातक को अपने घर-परिवार से दूर रहना पड सकता है तथा व्यक्ति के रोगों में वृ्द्धि हो सकती है ।।

मित्रों, संपति से संम्बन्धित मामले में भी परेशानियाँ हो सकती है । मित्रों  का सहयोग समय पर नहीं मिल पाता है । कार्यो के बार-बार बाधित होने के कारण व्यक्ति के मन में निराशा के भाव आते है । कार्यो को पूर्ण करने के लिये आवश्यकता से अधिक मेहनत करने पडते है ।।

इस जातक के जीवन में आर्थिक परेशानियां सदैव बनी रहती है । साढ़ेसाती के तीसरे चरण के प्रभाव एवं कुछ विशिष्ट बातों के विषय में अपने अगले लेख में चर्चा करेंगे ।।


  
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