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कोई भी काम पूरा होते-होते रुक जाता है ? करें ये टोटके ।।




कोई भी काम पूरा होते-होते रुक जाता है ? करें ये टोटके ।। Kisi Kary Me Badha Aati Hai?

हैल्लो फ्रेंड्सzzz.

मित्रों, क्या आप के हर काम में बाधा आती है । आपका कोई भी काम अधिकांशतः पूरा होते-होते रुक जाता है ? अथवा पुरा ही नहीं हो पाता ? क्या आप जो सोचते हैं, वो आपकी सोच तक ही रह जाता है ? ।।

अगर ऐसा कुछ आपके जीवन में है और आपका कोई बर्थ डिटेल भी नहीं है, तो आज मैं कुछ ऐसे उपाय और कुछ ऐसे नुख्से बताता हूँ, जिसके करने से आपको मिलेगा अकल्पनीय और अकथनीय लाभ ।।

आपको कुछ विशेष नहीं करना है, उपाय एकदम आसान हैं । आपको करना ये है, कि कुछ सामग्री जैसे चार गुलाब जामुन जो एकदम पका हुआ हो और काला हो, लेने है ।।

अब इस गुलाब जामुन को किसी भी सूरदास जी (किसी अन्धे व्यक्ति) को खिलाने है । अगर आप ये कार्य आनेवाली श्रावण की अमावस्या अर्थात् २ जुलाई को करते हैं, तो आपने सोंचा नहीं होगा इतना लाभ होगा ।।

मित्रों, दूसरा एक और उपाय बताता हूँ, मित्रों, अमावस्या के दिन ही, किसी भी साइज की चार मछलियाँ जो जीवित एवं स्वस्थ हों, को अमावस्या के दिन संध्या (सूर्यास्त) से पहले ही बहते पानी या किसी बड़े तलाब में प्रवाहित कर देना (छोड़ना) है ।।

अगर आप अधिक से अधिक रोगग्रस्त अथवा बीमार रहते हैं अथवा कोई असाध्य रोग हो, तो ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक हो जायेगा । जिनकी जन्मकुण्डली नहीं है या जन्म समय, तिथि आदि भी न हो ।।

ऐसे में ग्रह दोष भी देखा न जा सके तो अथवा किसी भी तरह की ऊपरी बाधा के होने का शक अथवा इस प्रकार का कोई संसय हो तो मछलियों को बहते जल में प्रवाहित करने से उसका भी सरलता से निवारण हो जाता है ।।

हमारे देश की विद्या जिससे सभी प्रकार के रोगों का आसन इलाज किया जाता था, वो है, आयुर्वेद । हमारे आयुर्वेद में धातु, रत्न व रुद्राक्षों का चिकित्सा में बहुत बार प्रयोग होता था तथा आज भी होता है ।।

इनकी भस्म का भी आयुर्वेद में प्रयोग होता रहा है । आयुर्वेद में जितने प्रकार के जड़-मूल की चर्चा हुई है, वो सभी नवग्रहों से सम्बन्ध रखती है ।।

रत्न, मूल, धातु, रुद्राक्ष से भी आप अपनी असाध्य एवं लाइलाज बीमारियों को भी ठीक कर सकते है, बश इसकी जानकारी होनी जरुरी है ।।

अगर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है । अथवा आप ज्यादा से ज्यादा बीमारी की वजह से धन खर्च करते हैं । या फिर आप के किसी मित्र या रिश्तेदार को किसी भी प्रकार का कोई रोग है ।।

फिर वो चाहे कोई छोटी बीमारी हो या फिर कोई बड़ा रोग अथवा कोई लाइलाज एवं असाध्य बीमारी ही क्यों न हो । यदि आप स्वयं हमें हमारे ऑफिस में मिलें अथवा कोई रोगी है, तो उसकी कोई एक तस्वीर भी लाकर आप मुझे मिल सकते हैं ।।

क्योंकि किसी भी बीमारी का मूल कारण ज्योतिष विद्या के माध्यम से जातक की जन्मकुण्डली के द्वारा ज्ञात किया जा सकता है ।।

कुण्डली से तो किसी भी तरह के रोग होने की और रोगी के स्वस्थ होने तक की सब प्रकार की जानकरी प्राप्त की जा सकती है । आप हमें संपर्क करें, हम पूर्ण प्रयत्न करेंगे की आपका अथवा आपके इष्ट मित्र का स्वास्थ्य बिलकुल ठीक हो जाये ।।


  
वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।

किसी भी तरह के पूजा-पाठ, विधी-विधान, ग्रह दोष शान्ति आदि के लिए तथा बड़े से बड़े अनुष्ठान हेतु योग्य एवं विद्वान् ब्राह्मण हमारे यहाँ उपलब्ध हैं ।।


संपर्क करें:- बालाजी ज्योतिष केन्द्र, गायत्री मंदिर के बाजु में, मेन रोड़, मन्दिर फलिया, आमली, सिलवासा ।।

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।।। नारायण नारायण ।।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

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