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आपके रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ होना चाहिए कुछ सरल एवं जबरदस्त वास्तु टिप्स ।।



आपके रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ होना चाहिए कुछ सरल एवं जबरदस्त वास्तु टिप्स ।। Kitchen Me Saman Kaise Aur Kahan Rakhen.

हैल्लो फ्रेंड्सzzz.

मित्रों, आपके रसोईघर के डिजाइन और वहां उपयोग में आने वाले सामान को वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार रखने चाहियें । जिससे गृहिणी का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे और घर में सकारात्मक उर्जा के प्रवाह निरन्तर बना रहे । इस बात कि सम्पूर्ण जानकारी हेतु वास्तु शास्त्र के इस लेख को जो कि रसोई घर विशेषांक है, आपके लिए इसे पढ़ना बहुत आवश्यक है ।। आइये आज आपलोगों को इस विषय की सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास प्रयास करता हूँ । सर्वप्रथम हमें ये जानना होता है, कि घर में रसोईघर कहाँ होना चाहिये ? सामान्यतया वास्तुशास्त्र के सिद्धान्तानुसार रसोई घर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान आपके घर का आग्नेय कोण यानि दक्षिण पूर्व की दिशा मानी गयी है । अग्निकोण अर्थात् अग्नि का स्थान ये रसोईघर के लिये सर्वोत्तम माना गया है ।।

मित्रों, अगर कुछ अन्यान्य मतों को देखें तो दक्षिण पूर्व के अलावा कुछ परिस्थितियों में दूसरा उपयुक्त स्थान उत्तर पश्चिम दिशा अर्थात् वायब्य कोण बताया गया है । लेकिन सर्वोत्तम अग्निकोण ही होता है अथवा माना गया है । अब दूसरी बात मुख्य ये है, कि रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ रखें ? इस विषय में सबसे पहले कुकिंग स्टोव अर्थात गैस के चूल्हे अथवा कुकिंग रेंज की बारी आती है ।।  गैस अथवा चूल्हा रसोई घर के दक्षिण पूर्वी कोने में ही होना चाहिए । आपका चूल्हा या स्टोव आपके रसोईघर में इस प्रकार रखा जाना चाहिए जिससे की खाना बनाने वाले व्यक्ति (गृहिणी) का मुंह खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर रहे । तीसरी बात पानी के रख-रखाव की आती है । इसमें आर. ओ. पानी फिल्टर तथा इसी तरह के अन्य सामानों के लिए जहा पानी संग्रहीत किया जाता है ।।

मित्रों, रसोईघर में पानी की आवश्यकता तो होती ही है । परन्तु आग और पानी एक दुसरे के शत्रु होते हैं । ऐसे में पानी के लिये उपयुक्त स्थान की बात करें तो जहाँ अग्नि (चूल्हे) का स्थान होता है, वहीँ बाजू में ही अर्थात उत्तर पूर्व की दिशा (ईशान कोण) ही माना गया है । पानी से सम्बंधित सभी बातें फिर चाहे वो वास बेसिन ही क्यों न हो इन सबके लिए उत्तर पूर्व यानि ईशान कोण में ही आजू-बाजू में ही सर्वश्रेष्ठ स्थान बताया गया है ।।  अब बारी आती है बिजली की, क्योंकि आपके घर में उपयोग होने वाले बिजली के सारे उपकरण अथवा बिजली से संचालित सभी प्रकार के यन्त्र । इन सभी के लिये भी दक्षिण पूर्व अर्थात अग्निकोण में ही या फिर दक्षिण दिशा में रखा जा सकता है । फ्रिज को आप रसोईघर में ही पश्चिम दिशा, दक्षिण दिशा, दक्षिण पूर्व (अग्निकोण) या फिर दक्षिण पश्चिम (नैऋत्य कोण) की दिशा में भी रख सकते हैं ।।

खाना पकाने में इस्तेमाल किये जाने वाली वस्तुएँ, अनाज, मसाले, दाल, तेल, आटा और अन्य खाद्य सामग्रियों, बर्तन, क्रॉकरी इत्यादि के सुरक्षित रखने के लिए पश्चिम या दक्षिण दिशा में व्यवस्था बनाना चाहिए । वास्तु शास्त्र के सिद्धान्तों के अनुसार रसोई घर की कहीं से भी कोई भी दिवाल शौचालय या बाथरूम के साथ लगी नहीं होनी चाहिए ।।  मित्रों, आपका रसोईघर आपके घर के शौचालय और बाथरूम के नीचे या ऊपर भी कदापि नहीं होना चाहिए । आपके रसोईघर का दरवाजा सदैव ही उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में खुलना चाहिए । खिड़किया और हवा बाहर फेखने वाला पंखा पूर्व में होना चाहिए तथा व्यवस्था के अनुसार इसे उत्तरी दीवार में भी लगाया जा सकता है । रसोई घर में पूजा का स्थान नहीं होना चाहिए ।।

अगर आपके पुरे घर में कहीं कोई व्यवस्था मन्दिर लगाने के लिए नहीं बन रहा हो तो रसोईघर के पश्चिमी दीवार में पूर्वाभिमुख लगा सकते हैं । लेकिन ऐसा केवल मज़बूरी में ही किया जाना उचित होगा । आपके भोजन की मेज (डाईनिंग टेबल) को रसोई घर में नहीं रखना चाहिए लेकिन अगर रखनी पड़े तो यह उत्तर या पश्चिम दिशा में ही रखना चाहिए । क्योंकि भोजन करते समय भोजन करनेवाले का मुँह पूर्व या उत्तर की ओर ही होना चाहिए ।।   वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।


बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

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