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जीवन में नहीं होती है कभी पैसों की कमी परन्तु कब और कैसे चढ़ायें शनिदेव पर तेल ? ।।

जीवन में नहीं होती है कभी पैसों की कमी परन्तु कब और कैसे चढ़ायें शनिदेव पर तेल ? ।। Nahi Hogi Dhan Ki Kami Shanidev Par Tel Chadhane Se.

 Hanuman Ji.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,


मित्रों, शनिदेव का नाम सुनकर ही बहुत लोग डर जाते हैं, पर क्यों ? पता नहीं । मुझे लगता है, कि शनिदेव हैं, कोई देवता भला किसी का अनिष्ट कैसे कर सकता है ? हम इन्सान हैं, फिर भी सोंचते हैं, कि किसी का भला कैसे हो जाय । तो फिर कोई देवता किसी को कष्ट कैसे दे सकता है ? सही बात तो ये है, कि लोग जो गलत होते हैं वही ड़रते हैं शनिदेव से, क्योंकि शनिदेव न्याय के देवता हैं ।।


न्याय जब भी होगा किसी अन्याय के खिलाफ ही होगा न । ऐसे में जो अन्यायी लोग हैं वही शनिदेव से ड़रते हैं । अन्यथा अगर आपने कोई पाप नहीं किया है तो शनिदेव से डरने की कोई जरुरत नहीं है । वैसे भी शनिदेव बड़े दयालु देवता हैं वो कभी किसी का अनिष्ट नहीं करते । जिसकी कुण्डली में शनिदेव अच्छी स्थिति में हों उसे जीवन का समस्त सुख सहज ही प्रदान कर देते हैं ।।


मित्रों, शनिदेव बड़े दयालु हैं और चाहते हैं, की अगर आपने कोई पाप जाने या अनजाने में किया है अथवा हो गया है तो आप उसका प्रायश्चित करें । किसी भी पाप के प्रायश्चित हेतु आप देव पूजन एवं धर्मं का सहारा लें । और जब कोई व्यक्ति धर्म से विमुख होता है तभी वो शनिदेव से दण्डित होता है । अन्यथा प्रायश्चित कि इच्छाशक्ति हो तो शनिदेव इन्सान के बड़े-से-बड़े पाप को भी अनदेखा करके सभी सुख प्रदान करते हैं ।।


मित्रों आपने देखा होगा लोगों को हर शनिवार को शनिदेव को तेल चढ़ाते हुये । शनि को तेल अर्पित करने वाले अधिकांश लोग इस काम को सिर्फ प्राचीन परंपरा मानते हैं । अधिकांश लोगों कि यही सोच होती है, कि ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है । परन्तु इस परंपरा के पीछे धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व की कई बातें भी छिपी हुई हैं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं ।।


आइये इस विषय में आज हम आपलोगों को कुछ अपने तरीके से बताने का प्रयत्न करते हैं । शनिदेव को तेल अर्पित करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिये । जैसे अक्सर हर शनिवार को बाजार में या हमारे घर के आसपास शनि प्रतिमा को लिए हुए कुछ लोग दिखाई देते हैं । वे किसी बाल्टी में या किसी अन्य बर्तन में शनि प्रतिमा को रखते हैं और लोग उस पर तेल अर्पित कर देते हैं ।।


परन्तु मित्रों प्रतिमा पर तेल अर्पित करते समय कुछ धन का दान भी करना चाहिए । साथ ही, साफ-सफाई और पवित्रता का भी ध्यान रखें । तेल चढ़ाने से पहले तेल में अपना चेहरा अवश्य देखें । ऐसा करने पर शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है । धन संबंधी कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है । अब शनि पर तेल चढ़ाने से जुड़ी कुछ वैज्ञानिक मान्यतायें जानें ।।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर के सभी अंगों में अलग-अलग ग्रहों का वास होता है । यानी अलग-अलग अंगों के कारक ग्रह अलग-अलग होते हैं । शनिदेव त्वचा, दांत, कान, हड्डियां और घुटनों के कारक ग्रह माने गये हैं । यदि जन्मकुण्डली में शनि अशुभ हो तो इन अंगों से सम्बन्धित परेशानियां व्यक्ति को झेलना पड़ती है । इन अंगों की विशेष देखभाल के लिए हर शनिवार तेल मालिश करनी चाहिए ।।


इन अंगों से सम्बन्धित परेशानियाँ भविष्य में हों अथवा आये इससे बचने के लिये शनिवार को अपने शरीर के इन अंगों में तेल मालिश भी करें और शनिदेव को तेल अर्पित करें । शनि को तेल अर्पित करने का यही अर्थ है कि हम शनि से संबंधित शरीर के अंगों पर भी तेल लगाएं, ताकि इन अंगों को भविष्य में होनेवाले कष्टों से बचाया जा सके । साथ ही मालिश के लिए सरसो तेल का ही उपयोग करना श्रेयस्कर होता है ।।


बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

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