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चन्द्रमा की महादशा में बाकी ग्रहों की अन्तर्दशा का शुभाशुभ फल ।।



चन्द्रमा की महादशा में बाकी ग्रहों की अन्तर्दशा का शुभाशुभ फल ।। Chandrama Mahadasha me Baki Grahon Ka fal.


मित्रों, आज हम बात करेंगे ग्रह दशा के विषय में । किसी भी ग्रह की महादशा के अंतर्गत सभी ग्रहों की अंतर्दशा आती है । वो प्रत्यंतर दशा जातक को किस प्रकार का फल देती है, इस विषय में हम आज बात करेंगे ।। तो आइये आज हम चन्द्रमा की महादशा में बाकी सभी ग्रहों की अंतर्दशा किस प्रकार का फल देती है, इस विषय में विस्तृत चर्चा करेंगे । तो आइए आज हम चन्द्रमा की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा किस प्रकार का फल देती है, इस विषय में जानते हैं ।।

मित्रों, यदि चन्द्रमा कारक होकर उच्च राशि का, स्वराशि का, शुभ ग्रहों से युक्त और दृष्ट हो तो अपनी दशा-अंतर्दशा में जातक को पशुधन से, विशेषकर दूध देने वाले पशुओं से लाभान्वित करवाता है ।। इस दशा में जातक यश का भागी होकर अपनी कीर्ति को अक्षुष्ण बना लेता है, कन्या-रत्न की प्राप्ति या कन्या के विवाह जैसा उत्सव और मंगल कार्य संपन्न होता है । गायन-वादन आदि ललित कलाओं में जातक की रुचि बाती है, स्वास्थ्य सुख, घन-घान्य की वृद्धि होती है।।

आप्तजनों द्वारा कल्याण होता है तथा राज्यस्तरीय सम्मान मिलता है । यदि चन्द्रमा नीच राशि का, पाप ग्रहों से युक्त अथवा प्राण योग में हो तथा त्रिक स्थानस्थ (कुंडली के ३, ६, ११वे भाव को त्रिक स्थान कहते हैं) हो तो अपनी दशा-अन्तर्दशा में जातक को शरीर में आलस्य, माता को कष्ट, चित्त में भ्रम और भय सदैव बना रहता है ।। ऐसे जातको को परस्त्रीरमण से अपयश तथा प्रत्येक कार्य में विफलता जैसे कुफल देता है । जल में डूबने की आशंका रहती है, शीत ज्वर, नजला जुकाम अथवा धातुव्रिकार जैसी पीड़ाएं भोगनी पड़ती है।।

मित्रों, चंद्रमा की महादशा में यदि सूर्य की अंतर्दशा जातक के ऊपर हो तो क्षयरोग का भय बना रहता है । किंतु ऐसा जातक पराक्रमी होता है एवं राजाओं से संपत्ति को प्राप्त करता है तथा सब प्रकार के सुख एवं धन लाभ प्राप्त करता है ।। मित्रों, किसी जातक की जन्म कुंडली में यदि चंद्रमा की महादशा चल रही हो और अंतर्दशा में मंगल हो तो ऐसे जातक को पित रोग, शोणित विकार और अग्नि का भय सतत बना रहता है । ऐसे जातकों को अनेक प्रकार के कष्ट, रोग एवं चोरों का भय सदा ही बना रहता है ।।

मित्रों, यदि आपके ऊपर चंद्रमा की महादशा चल रही है और अंतर्दशा में यदि बुध हो तो ऐसे जातकों को वाहन, धन तथा अनेक प्रकार के अथवा यूँ कहें कि सभी प्रकार के सुखों का लाभ सहज ही हो जाता है ।। मित्रों, यदि आपके ऊपर चंद्रमा की महादशा चल रही हो और अंतर्दशा में गुरु चल रहा हो तो ऐसा गुरु, जातक को अकस्मात धनलाभ करवाता है । वस्त्राभूषणों से परिपूर्ण कर देता है एवं अनेक प्रकार के वाहनों का सुख सहज ही प्रदान कर देता है ।।

मित्रों, किसी भी जातक की जन्म कुंडली में यदि चंद्रमा की महादशा हो और अंतर्दशा में शुक्र हो तो ऐसा शुक्र जातक को नेवी अथवा जलयान अथवा नौका आदि का सुख-सुविधा सहजता से ही प्रदान करता है । ऐसा शुक्र अनेक प्रकार के वस्त्राभूषणों से परिपूर्ण करता है एवम स्त्री सुख सहज ही प्रदान कर देता है ।। किसी भी कुंडली में जब चंद्रमा की महादशा चल रही हो और अंतर्दशा में यदि शनि आये तो ऐसा शनि जातक का अपने स्वजनों से वियोग करवाता है । यह शनि जातक को अनेक प्रकार के रोगों से भय एवं जातक को व्यसनी अथवा नशाखोर बना देता है ।।

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