Panchag

आज का लेख एवं आज 26 जून 2017 दिन सोमवार का पंचाग ।।



बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।। 
आज का लेख एवं आज 26 जून 2017 दिन सोमवार का पंचाग ।।
Aaj-26-June-ka-Panchang. विक्रम संवत् - 2074.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.

शक - 1939.

अयन - उत्तरायण.

गोल - उत्तर.

ऋतु - ग्रीष्म.

मास - आषाढ़.

पक्ष - शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ शुक्ल पक्ष. तिथि - तृतीया 22:13 PM बजे तक उपरान्त चतुर्थी तिथि है ।।

नक्षत्र - पुष्य 21:23 PM तक उपरान्त आश्लेषा (गण्डमूल) नक्षत्र है ।।

योग - व्यतिपात 14:16 PM उपरान्त हर्षण योग है ।।

करण - तैतिल 11:33 AM तक उपरान्त गर 22:13 PM तक उपरान्त वणिज करण है ।।

चन्द्रमा - कर्क राशि पर ।।

सूर्योदय - प्रातः 06:02:06

सूर्यास्त - सायं 19:21

राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक ।।

विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।। तृतीया तिथि विशेष - तृतीया तिथि में नमक एवं चतुर्थी को मूली का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य माना गया है । चतुर्थी को मूली एवं तिल का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है । तृतीया तिथि एक सबला और आरोग्यकारी तिथि मानी जाती है । इसकी स्वामी माता गौरी और कुबेर देवता हैं, जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है ।। 

तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है अन्यथा इस तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है । आज माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है । आज एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है । आज भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये । देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है ।।

मित्रों, तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है । इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है । ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है । इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है ।। सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है ।।

सोमवार का विशेष - सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है - (मुहूर्तगणपति) ।।

सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है । पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।

दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है ।।

सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें - सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए । कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है ।। मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं । सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं । माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है ।।

सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है । इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है । इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है । ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं । धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है ।।

इस दिन जन्‍म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्‍स्‍य पालन या मछली का व्‍यवाय, पत्‍थरों का व्‍यवसाय, कपड़े का व्‍यवसाय अधिक फलता है । इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्‍थर आदि से जुड़ा व्‍यवसाय ।।

आज का सुविचार - मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में । जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा । हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती ।। चन्द्र की महादशा में बाकी ग्रहों की अन्तर्दशा का फल ।।...... आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें....   ब्लॉग पर पढ़ें:     &    वेबसाईट पर पढ़ें:

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