Panchag

आज का लेख एवं आज 29 जून 2017 दिन बुधवार का पंचाग ।।



बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
आज का लेख एवं आज 29 जून 2017 दिन बुधवार का पंचाग ।।
Aaj-29-June-ka-Panchang. विक्रम संवत् - 2074. 

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.

शक - 1939.

अयन - उत्तरायण.

गोल - उत्तर.

ऋतु - ग्रीष्म.

मास - आषाढ़.

पक्ष - शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ शुक्ल पक्ष. तिथि - षष्ठी 17:54 PM बजे तक उपरान्त सप्तमी तिथि है ।।

नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी 19:23 PM तक उपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है ।।

योग - सिद्धि 07:05 AM उपरान्त व्यतिपात योग है ।।

करण - कौलव 06:08 AM तक उपरान्त तैतिल 17:54 PM तक उपरान्त गर करण है ।।

चन्द्रमा - सिंह राशि पर ।।

सूर्योदय - प्रातः 06:02:57

सूर्यास्त - सायं 19:21

राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक ।।

विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।। षष्ठी तिथि विशेष - मित्रों, षष्ठी तिथि को तैल कर्म एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है । षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है । इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है । विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है ।।

आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें । मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें । कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है ।।

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है । इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं । इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं । इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं ।। गुरुवार शॉपिंग के लिये अच्छा दिन माना जाता है ।।

गुरुवार का विशेष - गुरुवार के दिन तेल मर्दन करने से धन एवं यश की हानि होती है - (मुहूर्तगणपति) ।।

गुरुवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से तथा सर के बाल धोना, कपड़े धुलना अथवा धोबी के घर डालना, घर-आँगन की गोबर आदि से लिपाई करना इस प्रकार के कार्य नहीं करने चाहियें इससे धन एवं पूण्य की हानी होती है और लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती है ।। (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।

महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक ग्रह होता है । साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक ग्रह भी होता है । इसलिये बृहस्पति ग्रह अकेले ही स्त्री के संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है । अतः बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी आती है । इसी कारण से इस दिन बाल धोना या कटवाना भी नहीं चाहिए । इसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है और उनकी उन्नति बाधित होती है ।।

वास्तु अनुसार घर के ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है । ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है । साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से ही होता है । ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है इसलिये घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोना, कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना इत्यादि घर के ईशान कोण को कमजोर करता है । उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर गुरु का शुभ प्रभाव कम होता है ।। गुरुवार भगवान लक्ष्मी नारायण का दिन होता है । इसलिये इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से जीवन में अपार खुशियाँ आती है । इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच कभी दूरियाँ नहीं आती है साथ ही धन की वृद्धि भी होती है । जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं । परन्तु यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में भी रुकावटें आती है ।।

गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है । जैसे - सिर के बाल धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जाती हो । ये सभी काम गुरुवार को करने से धन हानि होता है तथा तरक्की रुक जाती है ।।

दिशाशूल - गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है ।।

गुरुवार के दिन ये विशेष उपाय करें - गुरु धन एवं प्रतिष्ठा का कारक ग्रह होता है । जिस व्यक्ति पर गुरु की कृपा होती है उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है । गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान ध्यान करें और घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें । इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें बिगड़े काम भी बन जायेंगे ।। बृहस्पतिवार को जिनका जन्म होता है, वह व्यक्ति विद्या एवं धन से युक्त होता है अर्थात ये ज्ञानी और धनवान होते हैं । ये विवेकशील होते हैं और शिक्षण को अपना पेशा बनाते हैं । ये लोगों के सम्मुख आदर और सम्मान के साथ प्रस्तुत होते हैं तथा उच्च स्तर के सलाहकार भी होते हैं । गुरुवार में जन्मे जातक सभ्य, खिलते रंग के, सुशील एवं मधुर स्वभाव के होते हैं तथा धर्म के प्रति सचेत होते हैं ।।

ये सभी सद्गुणों से संपन्न होने के वजह से किसी के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं । ऐसे लोग किसी का हक नहीं मारते तथा न्याय के प्रति सजग होते हैं । यह सफल राजनीतिज्ञ, न्यायधीश, क्लर्क, प्रकाशक एवं धर्मगुरु आदि के रूप में सफल होते हैं । गुरुवार को जन्‍म लेने वाले व्‍यक्ति बेहद मिलनसार और मधुर स्‍वभाव के होते हैं । ये जीवन को उत्‍सव की तरह जीते हैं इसलिए हमेशा खिले-खिले रहते हैं ।।

ऐसे व्यक्ति धर्म में विशेष रुचि रखने वाले होते हैं । धार्मिक प्रवृत्ति के कारण ये कभी किसी के साथ विश्‍वासघात नहीं कर सकते हैं । यह किसी का हक भी नहीं मारते, न्याय के प्रति सजग होते हैं । इनको अपने जीवन में सफलता हेतु धर्मगुरु, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, प्रकाशक एवं न्यायधीश आदि के क्षेत्र में भाग्य आजमाना चाहिये । इनका शुभ दिन मंगलवार और बृहस्‍पतिवार तथा शुभ अंक 4 होता है ।।

आज का विचार - मित्रों, हम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं । परन्तु याद रहे कि होशियार लोग अपनी गलती से लेते हैं, जबकि ज्यादा होशियार लोग दूसरों की गलतियों से गलतियों को दुहराना सीखते हैं । इसलिये अपनी गलतियों को सुधारना ही व्यक्ति में इंसानियत लाता है ।। जन्मकुण्डली के अनुसार आपके जीवन में धन कैसे और कब आयेगा ?।।.... आज के इस लेख को पूरा पढने के लिये इस लिंक को क्लिक करें.....   ब्लॉग पर पढ़ें:    &   वेबसाईट पर पढ़ें:

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।।। नारायण नारायण ।।।

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