Panchag

आज का लेख एवं आज 02 जुलाई 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।



बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
आज का लेख एवं आज 02 जुलाई 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।
Aaj-02-July-ka-Panchang. विक्रम संवत् - 2074.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.

शक - 1939.

अयन - उत्तरायण.

गोल - उत्तर.

ऋतु - ग्रीष्म.

मास - आषाढ़.

पक्ष - शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ शुक्ल पक्ष. तिथि - नवमी 20:20 PM बजे तक उपरान्त दशमी तिथि है ।।

नक्षत्र - चित्रा 24:00 PM तक उपरान्त स्वाति नक्षत्र है ।।

योग - परिघ 05:14 AM उपरान्त शिव योग है ।।

करण - बालव 07:32 AM तक उपरान्त कौलव 20:20 PM तक उपरान्त तैतिल करण है ।।

चन्द्रमा - कन्या राशि पर 10:52 AM बजे तक उपरान्त तुला राशि पर ।।

सूर्योदय - प्रातः 06:03:53

सूर्यास्त - सायं 19:22

राहुकाल (अशुभ) - सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक ।।

विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.30 बजे से 12.54 बजे तक ।। नवमी तिथि विशेष - नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है । नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है । इसकी अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं । रिक्ता नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है ।।

नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें एवं चुनरी चढ़ायें उसके बाद दुर्गा सप्तशती के किसी भी सिद्ध मन्त्र का जप करें । इससे हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति यश एवं प्रतिष्ठा कि प्राप्ति तथा सभी मनोरथों कि पूर्ति होती है । नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं ।।

नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है । इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है । ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं । धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं ।। मित्रों, आज रविवार को सुबह भगवान सूर्य को ताम्बे के एक लोटे में लाल चन्दन, गुड़ और लाल फुल मिलाकर अर्घ्य इस मन्त्र से प्रदान करें । अथ मन्त्रः- एही सूर्य सहस्रांशो तेजो राशे जगत्पते । अनुकम्प्य मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर ।। अथवा गायत्री मन्त्र से भी सूर्यार्घ्य दे सकते हैं ।।

इसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये । भोजन में मीठा भोजन करना चाहिये नमक का परित्याग करना अत्यन्त श्रेयस्कर होता है । इस प्रकार से किया गया रविवार का पूजन आपको समाज में सर्वोच्च प्रतिष्ठा एवं अतुलनीय धन प्रदान करता है । क्योंकि सूर्य धन और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह है ।।

दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है ।।

रविवार का विशेष - रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं - (मुहूर्तगणपति) ।।

रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।

विशेष जानकारी - मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये । साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये ।। मित्रों, रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है । इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है । इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं । इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं ।।

रविवार को जन्मे जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं । इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है । महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं । उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं । ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते । ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं । इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है ।।

आज का सुविचार - मित्रों, गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना । क्योंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं । दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं । कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों में डालकर ।। सूर्य की महादशा में बाकी ग्रहों की अन्तर्दशा का शुभाशुभ फल।।....  आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें....   ब्लॉग पर पढ़ें:   &    वेबसाईट पर पढ़ें:

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