Panchag

आज का लेख एवं आज 16 जुलाई 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।



बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
आज का लेख एवं आज 16 जुलाई 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।
Aaj-16-July-ka-Panchang. विक्रम संवत् - 2074.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.

शक - 1939.

अयन - उत्तरायण.

गोल - उत्तर.

ऋतु - ग्रीष्म.

मास - श्रावण.

पक्ष - कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ कृष्ण पक्ष. तिथि - सप्तमी 13:38 PM बजे तक उपरान्त अष्टमी तिथि है ।।

नक्षत्र - उत्तराभाद्रपद 00:48 AM तक उपरान्त रेवती नक्षत्र है ।।

योग - अतिगण्ड 07:23 AM उपरान्त सुकर्मा योग है ।।

करण - विष्टि 02:10 AM उपरान्त बव 13:38 PM तक उपरान्त बालव करण है ।।

चन्द्रमा - मीन राशि पर ।।

सूर्योदय - प्रातः 06:08:54

सूर्यास्त - सायं 19:21

राहुकाल (अशुभ) - सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक ।।

विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.32 बजे से 12.56 बजे तक ।। सप्तमी तिथि विशेष - सप्तमी तिथि को आँवला  एवं अष्टमी को नारियल त्याज्य बताया गया है । सप्तमी तिथि मित्रप्रद एवं शुभ तिथि मानी जाती है । इस तिथि के स्वामी भगवान सूर्य हैं तथा भद्रा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है । इस तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये । उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये । इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है एवं सभी कामनाओं की पूर्ति होती है ।।

मित्रों, सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है । सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये । सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है ।।

मित्रों, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है । इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है । ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं । इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं । धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं । ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं ।। मित्रों, आज रविवार को सुबह भगवान सूर्य को ताम्बे के एक लोटे में लाल चन्दन, गुड़ और लाल फुल मिलाकर अर्घ्य इस मन्त्र से प्रदान करें । अथ मन्त्रः- एही सूर्य सहस्रांशो तेजो राशे जगत्पते । अनुकम्प्य मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर ।। अथवा गायत्री मन्त्र से भी सूर्यार्घ्य दे सकते हैं ।।

इसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये । भोजन में मीठा भोजन करना चाहिये नमक का परित्याग करना अत्यन्त श्रेयस्कर होता है । इस प्रकार से किया गया रविवार का पूजन आपको समाज में सर्वोच्च प्रतिष्ठा एवं अतुलनीय धन प्रदान करता है । क्योंकि सूर्य धन और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह है ।। 

दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है ।।

रविवार का विशेष - रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं - (मुहूर्तगणपति) ।।

रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।

विशेष जानकारी - मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये । साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये ।। मित्रों, रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है । इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है । इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं । इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं ।।

रविवार को जन्मे जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं । इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है । महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं । उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं । ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते । ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं । इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है ।।

आज का सुविचार - मित्रों, गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना । क्योंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं । दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं । कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों में डालकर ।। सूर्य की महादशा में बाकी ग्रहों की अन्तर्दशा का शुभाशुभ फल।।....  आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें....   ब्लॉग पर पढ़ें:   &    वेबसाईट पर पढ़ें:

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।।। नारायण नारायण ।।।

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