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आपके रसोईघर में पीने का पानी एवं पानी का निकास कहाँ होना चाहिए ?।।



आपके रसोईघर में पीने का पानी एवं पानी का निकास कहाँ होना चाहिए ?।। Kitchen Me Pani Kahan Rakhen.

हैल्लो फ्रेंड्सzzz.

मित्रों, आपके रसोईघर के डिजाइन और वहां उपयोग में आने वाले सामान को वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार रखने चाहियें ।।

जिससे गृहिणी का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे । घर में सकारात्मक उर्जा के प्रवाह निरन्तर बना रहे । इस बात कि सम्पूर्ण जानकारी हेतु वास्तु शास्त्र के इस लेख को पढ़ना बहुत आवश्यक है ।।

आइये आज आपलोगों को इस विषय की सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास प्रयास करता हूँ । सर्वप्रथम हमें ये जानना होता है, कि घर में रसोईघर कहाँ होना चाहिये ?।।

सामान्यतया वास्तुशास्त्र के सिद्धान्तानुसार रसोई घर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान आपके घर का आग्नेय कोण यानि दक्षिण पूर्व की दिशा मानी गयी है ।।

अग्निकोण अर्थात् अग्नि का स्थान ये रसोईघर के लिये सर्वोत्तम माना गया है । अगर कुछ अन्यान्य मतों को देखें तो दक्षिण पूर्व के अलावा कुछ परिस्थितियों में दूसरा उपयुक्त स्थान उत्तर पश्चिम दिशा अर्थात् वायब्य कोण बताया गया है ।।

लेकिन सर्वोत्तम अग्निकोण ही होता है अथवा माना गया है । अब दूसरी बात मुख्य ये है, कि रसोईघर में कौन सा सामान कहाँ रखें ?।।

मित्रों, बात पानी के रख-रखाव की जब आती है । तो इसमें आर. ओ. पानी फिल्टर तथा इसी तरह के अन्य सामानों के लिए जहाँ पानी संग्रहीत किया जाता है ।।

क्योंकि रसोईघर में पानी की आवश्यकता तो होती ही है । परन्तु आग और पानी एक दुसरे के शत्रु होते हैं । ऐसे में पानी के लिये उपयुक्त स्थान की बात करें कि कहाँ रखें ।।

तो एक तो जहाँ अग्नि अर्थात चूल्हे का स्थान होता है, वहीँ बाजू में ही अर्थात उत्तर पूर्व की दिशा (ईशान कोण) में रख सकते हैं ।।

पानी से सम्बंधित सभी बातें फिर चाहे वो वास बेसिन ही क्यों न हो इन सबके लिए उत्तर पूर्व यानि ईशान कोण में ही आजू-बाजू में ही सर्वश्रेष्ठ स्थान बताया गया है ।।

किचेन के पानी की निकासी दक्षिण या पश्चिम दिशा से बिल्कुल नहीं होनी चाहिए । इसके लिये ईशान कोण के आजू-बाजू अर्थात पूर्वी या थोडा सा उत्तरी तरफ व्यवस्था कर सकते हैं ।।


  
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