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कुण्डली के अशुभ एवं कमजोर सूर्य ग्रह की शान्ति के उपाय ।।

कुण्डली के अशुभ एवं कमजोर सूर्य ग्रह की शान्ति के उपाय ।। Ashubh And Kamajor Surya Ki Shanti Ka Upay.


हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, कुण्डली के कमजोर एवं अशुभ सूर्य ग्रह की शान्ति के कुछ सरल उपाय आज आपलोगों को बताता हूँ । इसके लिये गाय का दान बछड़े समेत करना चाहिये । गुड़, सोना, तांबा और गेहूं आदि तथा सूर्य से सम्बन्धित रत्न का दान श्रेयस्कर होता है ।।

दान के विषय में शास्त्र कहता है, कि दान का फल उत्तम तभी होता है, जब यह शुभ समय में सुपात्र को दिया जाए । सूर्य से सम्बन्धित वस्तुओं का दान रविवार के दिन दोपहर में ४० से ५० वर्ष के व्यक्ति को देना चाहिए ।।

सूर्य ग्रह की शांति के लिए रविवार के दिन व्रत करना चाहिए । गाय को गेहुं और गुड़ मिलाकर खिलाना चाहिए । किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को गुड़ का खीर खिलाने से भी सूर्य ग्रह के विपरीत प्रभाव में कमी आती है ।।

अगर आपकी कुण्डली में सूर्य कमज़ोर है तो आपको अपने पिता एवं अन्य बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं । प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करने से भी सूर्य की विपरीत दशा से आपको राहत मिल सकती है ।।

सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए । रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पी लें ।।

ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ में धारण किया जा सकता है । लाल गाय को रविवार के दिन दोपहर के समय दोनों हाथों में गेहूँ भरकर खिलाने चाहिए । गेहूँ को जमीन पर नहीं डालना चाहिए । किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य पर जाते समय घर से मीठी वस्तु खाकर निकलना चाहिए ।।

हाथ में मोली (कलावा) छः बार लपेटकर बाँधना चाहिए । लाल चन्दन को घिसकर स्नान के जल में डालकर नहाना चाहिए । सूर्य के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु रविवार का दिन, सूर्य के नक्षत्र (कृत्तिका, उत्तरा-फाल्गुनी तथा उत्तराषाढ़ा) तथा सूर्य की होरा में अधिक शुभ होते हैं ।।

मित्रों, अगर आपका सूर्य कमज़ोर अथवा नीच का होकर आपको परेशान कर रहा हो अथवा किसी कारण सूर्य की दशा सही नहीं चल रही हो तो आपको गेहूं और गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए ।।

इसके अलावा आपको इस समय तांबा धारण नहीं करना चाहिए । अन्यथा इससे आपको सूर्य से सम्बन्धित क्षेत्र में और भी परेशानी हो सकती है । सूर्य उर्जा एवं शक्ति का स्वामी है । यह प्रबंधन, चिकित्सा एवं राजनैतिक क्षेत्रों में सरलता से ख्याति प्रदान करता है ।।

इसके अलावा इस ग्रह से संबंधित लोग तर्क शास्त्री एवं अच्छे वकील भी हो सकते हैं । सूर्य दोष निवारण हेतु इस मन्त्र का "ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रूं स: सूर्याय स्वाहा:" प्रतिदिन सूर्येदेव को प्रणाम करके ताम्र पात्र में जल सामने रखकर लाल वस्त्र धारण करके पूर्व दिशा की तरफ मुख करके 1 माला जप करें ।।

ताम्र पात्र में भरे जप के सम्मुख जप करें और जप पूरा होने के बाद उस जल स्वयं पी लें । इससे अशुभ सूर्य की दशा भी शुभ फलदायी हो जाती है । पिता की सेवा करने से भी सूर्ये का दोष शान्त हो जाता है ।।

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