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गड़ा हुआ धन अथवा कोई खजाना मिलने से पहले कुछ ऐसा होता है ।।



गड़ा हुआ धन अथवा कोई खजाना मिलने से पहले कुछ ऐसा होता है ।। Before getting a Big amount of Money or Tresure this type of thing happens.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, जीवन में खजाना पाना सभी चाहते हैं । परन्तु खजाना हर किसी को मिल जाय ये संभव नहीं होता । ज्योतिष के अनुसार अचानक धन प्राप्ति के योग अवश्य होते हैं । परन्तु जिसकी कुण्डली में ये योग हो और साथ ही वो उस प्रकार के प्रयत्न भी करे तभी ये सम्भव होता है ।। दोस्तों हमारे कुछ तन्त्र शास्त्रों में इस विषय में कुछ वर्णन अवश्य मिलते हैं । जैसे अचानक धन लाभ होने से पहले आपको कुछ इशारे मिलते हैं । ये इशारे सपने में और खुली आखों से या आसपास होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं के रूप में भी महसुस हो सकते हैं । धन लाभ के लिए कई तरह के संकेत होते हैं ।।

रावण संहिता में सपने, शगुन और स्वर विज्ञान के रूप में मिलने वाले संकेतों का वर्णन मिलता है । जैसे सपने में कुआं देखना भी गड़ा खजाना मिलने का एक संकेत हैं । अगर जमीन में छुपा खजाना आपको मिलने वाला है तो अक्सर आपको सपने में कोई गड्ढा, छोटा कुआं या खाई दिखती है ।।   वैसे एक और बात कही जाती है, कि भूमि के अन्दर छुपा खजाना अक्सर साफ दिल वाले लोगों को ही मिलता है । व्यवहारिक रूप में भी देखा गया है, कि ये खजाने उन्हीं लोगों को मिलते हैं, जिनके मन में कोई छल-कपट नहीं होता ।।

कुछ लोगों को लोगों को सपने में अक्सर सफेद सांप या जलता हुआ दीपक दिखाई देता है । जिसे सपने में इन सब के दर्शन हों उन लोगों को उनके जीवन में गड़ा धन या खजाना अचानक मिलता ही है । जो उल्टे पैदा होते हैं, उन्हें गड़ा धन या खजाना अथवा चमकता हुआ किस्मत अवश्य ही मिलता है । ये वो लोग होते हैं जो पैर की तरफ से जन्म लेते हैं ।।  इस प्रकार की सम्पत्ति का पता चले भी तो उसे हासिल कैसे करें ? मित्रों, गड़ा धन निकालने के लिए सबसे पहले निश्चित करें कि धन है किस जगह ? उस जगह को पहले पवित्र करें और उस स्थान की पूजा विधिवत करवायें । शास्त्रानुसार ऐसी जगहों पर विशेष शक्तियों का पहरा होता है ।।

मित्रों, भूमिगत धन या खजाने की रक्षा नाग लोक की जिम्मेदारी होती है । नाग योनी पितरों की होती है क्योंकि हमारे पितर ही अपने संचित धन की रक्षा नाग के रूप में करते हैं । इसलिये गड़े हुए धन अथवा खजानें को बिना पितरों की इच्छा से नहीं निकालना चाहिए । पहले पितरों को प्रशन्न करके फिर निकालने का प्रयत्न करना चाहिए ।।   इसके लिए उनके निमित्त हवन और दान करना चाहिये फिर उस धन के सही उपयोग का संकल्प लेना चाहिए । गड़े धन का बड़ा हिस्सा धर्म-कर्म, दान और पितृ पूजा में लगाने का संकल्प लेना चाहिए । शुभ तिथि और वार को या किसी खास पर्व, ग्रहों के शुभ संयोग या अपनी कुंडली के अनुसार शुभ दिन निकलवाकर ही उस धन को निकलवाना चाहिए ।।

धन निकालने के पहले होने वाली पूजा भी शुभ तिथि या पितर तिथि अर्थात् पंचमी, अमावस्या या पूर्णिमा पर ही करवाना चाहिए । पूजा करवाने के बाद आपके पितर आपको सपने में दर्शन देते हैं । परन्तु सपने में आनेवाले पितर अगर आपको उस धन को निकालने की आज्ञा दें तो ही धन निकालने का प्रयत्न करना चाहिए ।।   मित्रों, इस विडियो में जन्मकुण्डली के ग्यारहवें भाव में वर्णित आमदनी के योग के विषय में जो ९ श्लोकों में वर्णित है । तो आइये जानें व्यक्ति के जीवन में धन की आमदनी के विषय में विस्तृत रूप से इस विडियो टुटोरियल में - Click Here to Eleventh Home overall Prediction.   वास्तु विजिटिंग के लिये तथा अपनी कुण्डली दिखाकर उचित सलाह लेने एवं अपनी कुण्डली बनवाने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति के लिए संपर्क करें ।।


बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।

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