आपका भाग्योदय कब होगा ।। Aapaka Bhagyoday Kab Hoga.
हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,
मित्रों, "भाग्योदय" यह एक ऐसा शब्द है, जिसके जिंदगी में आने का इन्तजार लगभग सभी करते हैं । शास्त्र भी कहते हैं, कि "भाग्यं फलति सर्वदा न विद्या न च पौरुषम्" ।।
कुण्डली का नवम भाव जिसे भाग्य स्थान कहते हैं । यह भाव आध्यात्मिक प्रगति, भाग्योदय, बुद्धिमत्ता, गुरु, परदेश गमन, ग्रंथ पुस्तक लेखन, तीर्थ यात्रा, भाई की पत्नी, दूसरा विवाह आदि के बारे में बताता है ।।

मित्रों, सर्वप्रथम आप देखें की कुण्डली के नवम भाव में कौन सी राशि बैठी है । दूसरा उस राशि का स्वामी कौन है और वो कहाँ बैठा है । तीसरा उस ग्रह पर कौन-कौन से ग्रह की दृष्टि है ।।
अब ये भी स्पष्ट करें की जो ग्रह भाग्येश को देख रहे हों वो ग्रह शुभ हैं या अशुभ । अगर आपकी कुण्डली में भाग्येश किसी शुभ स्थान पर बैठा हो और उसपर जिन ग्रहों की दृष्टि हो वो ग्रह भी शुभ दृष्टि हो ।।
अगर सबकुछ शुभ हो तो उस ग्रह की महादशा या किसी अन्य शुभ ग्रह की महादशा में अपनी अन्तर्दशा में आपका भाग्योदय निश्चित है । इस समय में आपके सारे बिगड़े काम बन जायेंगे ।।
ऐसे ग्रह की दशा-अन्तर्दशा आपके जीवन में उजाला ही उजाला होगा । आपके सभी रुके कार्य पुरे होने के योग बनेंगे ।।

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